Commerce Kya Hai: Meaning, History & Importance in Hindi

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Commerce kya hai, commerce यह नाम तो हमने कहीं बार सुना होगा क्योंकि यह हमारे आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्तवपूर्ण घटक है। इसी में ही हम retail transactions (खुदरा लेनदेन) से लेकर international trade (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार) को करते है। हमें जैसे पता ही है कि, जिस तरह की तेजी से हमारी तकनीकी और जादा अग्रिम हो रही है वैसे ही दूसरी तरफ पूरी दुनिया नजदीक आ रही है। 

तकनीकी की वजह से commerce के क्षेत्र में भी कही सारे लगातार बदलाव हो रहे है। Commerce में e-commerce और mobile commerce जैसी आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल हो रहा है जो व्यवसायों को ग्राहकों तक आसानी से पहुंचने और जुड़ने में मदत कर रही है। लेकिन दूसरी तरह globalization (वैश्वीकरण) के वजह से कहीं सारी चुनौतियां भी सामने आ रही है। जैसे: payment processing, Cybersecurity (साइबर सुरक्षा), आदि। 

इस आर्टिकल में हम commerce के दुनिया की सभी चीजों के बारे में जानेंगे। Commerce के पारंपरिक तरीकों से लेकर आधुनिक Blockchain तकनीकी के सफर को जानेंगे। commerce kya hai, उसके इतिहास, वर्तमान और भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। तो चलिए commerce के सफर पर…

Commerce Kya Hai? 

Commerce जिसे हिंदी में वाणिज्य कहा जाता है। यह एक बड़ी संगठित प्रणाली होती है जिसमें कही सारे क्रिया, गतिविधियाँ, प्रक्रियाएं होती है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी सी भी उत्पाद या सेवाओं की खरीदी और बिक्री के संबंधित होती है। हम इसे ऐसे भी कह सकते है कि, commece यह एक प्रणाली है जहा पर लोग या संस्थाएं उत्पाद और सेवाओं की लेन–देन करते है। यह Trade (लेनदेन) स्थानिक, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है। उदा: Retail, wholesale, import–export.

Commerce को कुछ लोग Business (व्यवसाय) समझते है। लेकिन commerce व्यवसाय नहीं होता बल्कि वह Business का एक हिस्सा होता है जो उत्पादकों से ग्राहकों तक तैयार या कच्चा उत्पाद या सेवाओं का वितरण या लेनदेन करता है। मतलब वाणिज्य का लक्ष सिर्फ जो उत्पाद बनाते है उनसे वह उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाना होता है। लेकिन व्यवसाय में उस उत्पाद की सुरु से लेकर, उसे बनाने में, उसका वितरण, बिक्री, उत्पाद संबंधित ग्राहक सेवा सब कुछ आता है। 

वाणिज्य हमारे अर्थव्यवस्था प्रणाली में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह लोगों को और व्यवसायों को अपने उत्पाद या सेवाएं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाकर अच्छा मुनाफा कमाने में मदत करता है। और commerce व्यावसायिकों को उनके व्यवसाय को बड़ा करने में और नए बाजार में नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदत करता है।

Key takeaways

Commerce kya hai – दो या उससे अधिक लोग या पक्षों के बीच उत्पाद या सेवाओं के खरीदी – बिक्री को commerce कहा जाता है। 
जो क्रियाएं या प्रक्रियाएं उत्पाद की लेनदेन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदत करती है वह भी commerce का ही भाग होता है।
Commerce यह एक business का हिस्सा है जो उत्पाद को ग्राहकों तक वितरीत करने के ऊपर केंद्रित होता है। 
एक उत्पाद की बिक्री को लेनदेन कहा जाता है, और ऐसे कही सारे लेनदेन को वाणिज्य कहा जाता है। 

Key takeaways

History of Commerce in Hindi 

हमने अभी commerce kya hai यह जाना अब हम इसका इतिहास जानेंगे। हमारी history of commerce (वाणिज्य का इतिहास) प्रारंभिक मानव की सभ्यताओं से चली आ रही है। तक लोग bartering (वस्तु-विनिमय) और उत्पाद या सेवाओं की अदला बदली या उत्पाद के बदले किसी वस्तु का लेनदेन किया करते थे। फिर समय के साथ, कहीं सारी मुद्राएं विकसित की गई। जैसे: गोले, मोती, विशेष पत्थर, धातुओं से बने सिक्के, आदि शामिल है। 

जिस तरह से समाज विकसित और आधुनिक होता गया उतना ही जटिल यह वाणिज्य प्रणाली होती गई। फिर इसमें कहीं तरह की गतिविधियां, प्रक्रियाएं सामिल होती गई। जैसे: transportation, distribution, warehousing, marketing, etc. इन गतिविधियों में बैंक और आर्थिक प्राणली भी शामिल है जिसने वाणिज्य क्षेत्र में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। जिसके वजह से हमें देश के बाहर trade (लेनदेन) करने में मदत मिली। 

18वीं और 19वीं शतक में जब औद्योगिक क्रांति आई तब commerce का क्षेत्र पूरी तरह से बदल गया। बहुत बड़े पैमाने पर उत्पादों का उत्पादन किया गया, international trade (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार) का और अधिक विकास हुआ। फिर जब टेलीग्राफ, टेलीफोन और जब internet का आविष्कार हुआ तो commerce की दुनिया का नया उगम हुआ। वे एक अलग ही पैमाने पर बढ़ती चली गई। 

20वीं शताब्दी के आखिर में जब e-commerce और online marketplaces सामने आए तो वाणिज्य क्षेत्र असीमित हो गया। वह पूरी दुनिया में online कहीं से भी उत्पाद या सेवाओं को खरीदने और बेचने के लिए आसान हो गया। और हम आज के वक्त को तो जानते ही है कि, किस तरह की तेजी से e-commerce बढ़ता ही जा रहा है। और ग्राहक भी online shopping की तरह आकर्षित होते जा रहे है। 

यह history of Commerce in hindi (वाणिज्य का इतिहास) हमें नए तकनीकी और प्रणाली से वाणिज्य और लेनदेन में आए हुए परिवर्तन और उसके अनुकूलन को दर्शाता है। किस तरह से हम विकसित होते गए और साथ ही में वाणिज्य को चलाने के तरीके में भी बदलाव आते गए। 

Importance of commerce in Hindi 

हमारे देश के अर्थव्यवस्था में वृध्दि और विकास को संचालित नहीं करता बल्कि हमारे दैनिक जीवन में भी commerce बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो चलिए हम जानते है कि, commerce इतना जादा महत्तवपूर्ण क्यों है? कैसे यह हमारे जीवन में भूमिका निभाता है? आइए देखते है इसके कुछ महत्त्व…

Satisfying Human Wants:  इंसान की चाहते कभी खत्म नहीं होती है लेकिन उन्हें कम किया जा सकता है। commerce ने ऐसा वितरण प्रणाली बनाई है जिससे दुनिया के किसी भी इंसान को किसी भी कोने की चीज या वस्तु आसानी से मिल सकती है। इस तरह से commerce ने इंसान के चाहत की संतुष्टी करने में मदत की है।
Creates jobs: Commerce जितना बड़ा बनता जा रहा है उतने ही जादा उसमे नौकरियों के अवसर बढ़ते जा रहे है। और यह ऐसा क्षेत्र है जो कभी रुकने वाला नहीं है। कहीं सारे क्षेत्र है जिनमें कहीं सारी नौकरियों के अवसर उपलब्ध है जैसे: retail, distribution, marketing management, finance, sales, etc. 
Enhancing Our Standard of Living: किसी भी समाज की जीवन जीने की गुणवत्ता वे कितना जादा उत्पाद का इस्तेमाल और उपभोग करते है इससे की जाती है। Commerce लोगों को विभिन्न और विस्तृत उत्पाद और सेवाओं को प्रदान करता है जिससे लोग जादा आकर्षित होकर जादा से जादा उत्पाद का उपभोग करे। 
links producers and consumers:  उत्पादन उपभोग के लिए बनाए जाते है। जिसमें commerce उत्पादक के उत्पाद को ग्राहक तक आसानी से पहुंचाने और उन दोनों के बीच एक संबंध स्थापित करने में मदत करता है। वाणिज्य में विपणन की भूमिका किसी भी व्यवसायी का उत्पाद या व्यवसाय लक्षित ग्राहकों तक पहुंचाने की होती है। 
Supporting Entrepreneurship: वाणिज्य entrepreneurs को एक स्थान और संसाधन प्रदान करता है जहा पर वे अपने व्यवसाय को सुरु, संचलित और विस्तार कर सकते है। वाणिज्य बहुत बड़े market में अपने उत्पाद को ग्राहकों तक पहुंचाकर उनकी चाहते, जरूरतें, मांग को पूरा करने में मदत करता है जिससे वे बेहतर मुनाफा कमा सके। 
Boosting the Economy: अर्थव्यवस्था तभी बढ़ती है जब जादा से जादा उत्पादन हो और जादा से जादा उसका उपभोग हो। और यह दोनों चीजे commerce की वजह से बढ़ती जा रही है। वह घटक जो economy को बढ़ाते है जैसे: जादा रोजगार मिलना, नए तकनीकी का आविष्कार होना, पैसों का व्यवहार होना जरूरी होता है और यह सब घटक commerce की वजह से कहीं गुना बढ़ी है।
Increase international trade / Global commerce: अंतराष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय ले जाने में और उत्पाद या सेवाओं की लेनदेन करने में commerce मदत करता है। सीमा पार व्यापार और निवेश को सुगम बनाता है।  कोई उत्पाद स्थानिक तौर पर किसी देश में उपलब्द नहीं है वहा पर उत्पाद को export करने में और जो उत्पाद हमारे देश में उपलब्द नहीं है उसे import करने में सहायता करता है।

“व्यापार मानव जीवन का एक अनिवार्य अंग है जो विकास और समृद्धि का मार्ग प्रदान करता है।”

Types of Commerce in Hindi 

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Retail Commerce

Retail commerce में कोई व्यक्ति या व्यवसाय किसी और व्यवसाय के उत्पाद या माल को सीधे उपभोक्ता को बेचते है चाहे वह भौतिक या ऑनलाइन दुकान से बेचा जाए। इसमें कहीं तरह के व्यवसाय शामिल होते है। छोटी दुकान या बड़ी दुकान की चैन भी शामिल हो सकते है। Retailers बड़े wholesalers (थोक विक्रेताओं) या Manufacturers (उत्पादकों) से समान या माल को खरीदते है और उसपर मुनाफा जोड़कर ग्राहकों को बेचते है। वे कहीं तरह के विभिन्न प्रकार के उत्पाद प्रदान करते है। जैसे: कपड़े, आभूषण, किराना सामान, घरेलू सामान, आदि हो सकते है। Retail commerce यह एक महत्वपूर्ण पैलू है अर्थव्यवस्था का जो ग्राहकों को उनकी चाहतों और जरूरतों के उत्पाद को खरीदने के लिए प्रोत्चाहित करता है।

Business-to-Consumer (B2C) Commerce

Business-to-consumer commerce या B2C commerce उसे कहते है जहा पर कोई व्यवसाय भौतिक या ऑनलाइन तरीके से सीधे अपने उपभोक्ताओं को उत्पाद या सेवाओं को बेचता है जो उनके end -user होते है। यह B2C व्यवसाय का तरीका बहुत ही लोकप्रिय और आधुनिक है जो जादातर online चलता है। B2C commerce के व्यवसाय भी कही तरह के विभिन्न उत्पाद की शृंखला रख सकते है। उदा: इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ के व्यवसाय में विभिन्न उत्पाद की शृंखला होती है। B2C में कहीं सारी सेवाएं भी आती है जैसे: Room booking, Monthly subscription, आदि। 

Business-to-Business (B2B) Commerce

Business-to-business commerce या B2B commerce उसे कहते है जहा पर उत्पाद या सेवाओं की लेनदेन दो व्यवसायों के बीच होती है न की किसी व्यक्तीगत व्यवसाय या व्यक्ति को। इसमें कोई व्यवसाय अपना उत्पाद या सेवाएं सीधे किसी दूसरे व्यवसायों को बेचता है, और वे इन उत्पाद या सेवाओं का उपयोग अपने व्यवसाय के संचालन के लिए, उससे नया उत्पाद बनाने के लिए या उन्हें resell (पुनर्विक्रय) करने के लिए करता है। B2B commerce में बहुत बड़े पैमाने पर व्यवसायों में लेनदेन होता है जिसमें कच्चा माल, मशीनरी, उपकरण, आदि, होते है। 

E-commerce

E-commerce जिसे Electronic commerce भी कहते है। Internet के ऊपर या online के जरिए जो उत्पाद और सेवाओं की transaction (लेनदेन) होती है उसे e-commerce कहा जाता है। e-commerce हमें कहीं से भी और किसी भी वक्त उत्पाद या सेवाओं को खरीदने की अनुमति देता है इसलिए आज के वक्त यह बहुत ही तेजी से दुनियांभर में बढ़ रहा है। इसके सहज इस्तेमाल और लेनदेन के प्रक्रियाओं के कारण बहुत से ग्राहक online shopping की तरफ आकर्षित हो रहे है। e-commerce कहीं सारे उत्पादों और उनके विभिन्नता प्रदान करता है। e-commerce कही तरह के होते है। जैसे: amazon और flipkart की तरह online marketplaces भी हो सकता है और किसी की व्यक्तिगत website भी हो सकती है।

Mobile Commerce (m-commerce)

Mobile commerce या M-commerce उसे कहते है जब हम कोई उत्पाद या सेवाओं को ऑनलाइन द्वारा किसी mobile उपकरणों द्वारा खरीदते या बेचते है। जैसे: smartphones और Tabs. आज के समय में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो मोबाइल का इस्तमाल न करता हो, तो लोगों को mobile से shopping करना आसान लग रहा है इसलिए इस आधुनिक समय में सबसे लोकप्रिय m-commerce बन गया है। उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही सीधा उत्पादों को देख सकता है, खरीद सकता है, mobile payment (पैसों का भुक्तान) कर सकता है, mobile commerce या m-commerce किसी apps द्वारा या mobile के लिए अनुकूलित websites द्वारा किया जा सकता है। 

Social Commerce

Social commerce एक तरह का e-commerce ही होता है इसकी व्याख्या करे तो, जब किसी उत्पाद या सेवाओं को social media platforms से खरीदा या बेचा जाता है तो उसे social commerce कहा जाता है। जैसे: Facebook, Youtube, Twitter, आदि। पिछले कुछ वर्षों में यह भी बहुत तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। लगभग हर व्यक्ति social media का इस्तमाल कर रहा है, इसलिए उन social media पर उपभोक्ताओं तक अपने उत्पादों को पहुंचाना और उन्हें बेचना आसान हो गया है और दूसरी तरह उन उपभोक्ताओं को भी social media को छोड़े बिना वही पर उत्पाद को खरीदना आसान हो गया है। 

Digital Commerce

Digital commerce और electronic commerce यह कोई अलग अलग नहीं है। Digital commerce को ही e-commerce कहा जाता है। जब कोई उत्पाद या सेवाओं को किसी electronic माध्यम जैसे internet से खरीदा या बेचा जाता है तो उसे digital commerce कहते है। digital commerce कहीं तरह के होते है जैसे: B2B, B2C, C2C, और C2B. इसमें लेनदेन से लेकर, पैसे भेजने, digital products और subscriptions जैसे सेवाओं का इस्तमाल करना बहुत आसान होता है। डिजिटल कॉमर्स वाणिज्य के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति लेकर आया है। 

Elements of Commerce in Hindi 

Supply Chain Management & Logistics

वाणिज्य में supply chain management और logistics यह बहुत महत्वपूर्ण पैलु है। जिसमें उत्पाद और सेवा का शुरुवाती उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के पास पहुंचने तक प्रबंधन और समन्वय किया जाता है। Supply chain management में कहीं सारे प्रक्रियाएं शामिल होती है जैसे: योजना बनाना, उसे अमल में लाना, उसकी निगरानी और नियंत्रित करना और साथ ही उत्पाद को store करना। इसका उद्देश संपूर्ण प्रणाली को बेहतर बनाकर उसकी क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाना होता है। 

Logistics में उत्पाद को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना होता है। इसमें यातायात, उत्पाद का भंडारण, उत्पाद का वितरण और वापस आए हुए उत्पादों का प्रतिबंध करना होता है। Supply chain management & logistics यह दोनों मिलके व्यापार को उसके उत्पाद सही वक्त पे सही जगह पर और सही सलामत पहुंचाने में मदत करते है। यह घटक किसी भी व्यवसाय की सफलता तय करते है। 

Payment Processing & Cybersecurity

Commerce में पैसों का लेनदेन करते वक्त खरीदारों और बिक्रेताओं के बीच एक सुरक्षित और विश्वसनीय संबंध बनाने में payment processing & cybersecurity बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। Payment processing बहुत जरूरी है किसी भी खरीददाता को उत्पाद का भुगतान करने के लिए और विक्रेता को वह पैसे मिलके के लिए। इसके लिए कहीं सुरक्षित payment gateways, encryption, और अन्य सुरक्षा उपाय का इस्तेमाल किया जाता है ताकि कोई इस वित्तीय लेनदेन को अनधिकृत पहुंच या चोरी न कर सके। 

दूसरी तरफ, cybersecurity का महत्व वाणिज्य में उतना ही है जितना payment processing का होता है। क्योंकि यह डिजिटल जानकारी और ग्राहकों के डाटा को किसी अनधिकृत पहुंच या चोरी से बचाता है। cybersecurity सभी संवेदनशील जानकारी जैसे: व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी (पैसों के लेनदेन) को सुरक्षित करता है और खरीददारों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है ताकि वे विश्वास के साथ खरीदी कर सके। 

Consumer Behavior & Digital Marketing

किसी भी व्यवसाय की सफलता में Consumer behavior & digital marketing का बहुत बड़ा योगदान होता है। Consumer behaviour उसे कहते है, जब कोई व्यक्ति या समूह वेबसाइट पर आकर उत्पाद या सेवा खरीदने के लिए जो कोई कृति करता है या निर्णय लेने का कोई विशिष्ठ तरीका आजमाता है तो उसे consumer behavior कहते है। जब हमें समझ आता है कि, कोई ग्राहक किस तरह से सोचता है या निर्णय लेता है तो हम उसके हिसाब marketing research और marketing strategy बना सकते है जो उनके जरूरतों और पसंद को पूरा कर सके।

वाणिज्य में Digital marketing कहीं तरह के माध्यमों से की जा सकती है। जैसे: social media, email, SEO, आदि के माध्यमों से उत्पाद या व्यवसाय को लक्षित ग्राहकों और लक्षित बाजारों तक पहुंचा सकते है। हम market segmentation करके अलग अलग जनसांख्यिकी के हिसाब से विपणन कर सकते है बिक्री को बढ़ा सकते है। 

Sales and marketing in commerce

Commerce में बिना Sales के कोई व्यवसाय नहीं चल सकता, sales ही है जो व्यवसायिक को व्यवसाय में मुनाफा कमाकर देती है और व्यवसाय में जादा sales के लिए उसकी marketing करना जरूरी होता है। Marketing से कम समय में जादा लोगों तक पहुंच सकते है और उन्हें खरीदी के लिए प्रेरित कर सकते है। 

आज के समय में, वाणिज्य में sales और marketing करना बहुत जटिल हो गया है और दूसरी तरफ कहीं सारे प्रतिस्पर्धी भी आ गए है। इसीलिए व्यवसाय को कोई ऐसे रणनीति बनानी होगी जो बाजार से हटकर हो, जो हमे एक नई पहचान दे। बेहतरीन Sales और marketing का होना जरूरी है उससे ही ब्रांड की प्रतिष्ठा बढ़ती है और राजस्व आता है। 

Future of Commerce in Hindi 

future of commerce in hindi

Emerging Technologies in Commerce, Including AI & Blockchain

हमें तो पता ही है कि AI और Blockchain technology कितनी बड़ी और आधुनिक है और किस तरह इनके इस्तेमाल से आज क्या कुछ नहीं हो रहा। तो हम सोच ही सकते है कि, Artificial intelligence & Blockachain आने वाले समय में commerce के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएंगे। AI – artificial intelligence की मदत से हम व्यवसाय की प्रक्रियाओं को, संचालन को और प्रबंधन का automation (स्वचालन) कर सकते है। हमारे व्यवसाय का बहुत बड़े पैमाने की जानकारी, डाटा को हम AI की वजह से आसानी से विश्लेषित कर सकेंगे। AI के chatbot से हम ग्राहक को 24 घंटे ग्राहक सेवा प्रदान कर सकेगे और machine learning से उन्हें उनकी पसंद के उत्पाद का सुझाव दे सकेंगे। 

वैसे ही blockchain की मदत से हम commercial transactions (व्यवसायिक लेनदेन) को पारदर्शी और सुरक्षित बना सकेंगे। Blockchain के विकेन्द्रीकृत बहीखाता की विशेषता से पीयर-टू-पीयर लेनदेन करना सक्षम हो जाएगा और किसी तृतीय पक्ष या तीसरे व्यक्ती की कोई जरूरत नहीं रहेगी। जिससे commerce के प्रणाली को और जादा भरोसेमंद बनाती है।

Cryptocurrency in commerce

अगर हम commerce के क्षेत्र में लेनदेन के लिए cryptocurrencies को सोचे तो यह एक बेहतरीन भविष्य होगा। क्योंकि, इसका इस्तेमाल करने के कही सारे फायदे है जो हमें अच्छी सुविधा प्रदान करते है। जैसे: Cryptocurrency का इस्तेमाल हमें हमारे लेनदेन में कहीं जादा गुना तेजी को बढ़ा सकता है और साथ में उसकी लेनदेन शुल्क भी बहुत कम होती है बाकी के payment gateways के मुकाबले। सबसे महत्वपूर्ण हमें Cryptocurrency में कड़ी सुरक्षा देखने को मिलती है जिसे कोई हैक या चोरी नहीं कर सकता या उसमें कोई फेरबदल नहीं कर सकता। 

अगर हमे किसी दूसरे देश से उत्पाद या सेवाओं को खरीदना होता है तो हमें उसी देश के मुद्राओं का इस्तेमाल करना पढ़ता है लेकिन Cryptocurrency के इस्तेमाल से हम किसी भी देश से उत्पाद खरीद सकते है क्योंकि यह एक वैश्विक मुद्रा होती है। यह हमे digital wallet (डिजिटल बटुआ) भी प्रदान करता है जिससे हम पैसे को आसानी से भेज और सुरक्षित जमा रख सकते है। हमारे देश की मुद्रा को शासन द्वारा नियंत्रित किया जाता है लेकिन यह क्रिप्टोकरेंसी विकेन्द्रीकृत प्रणाली है जिसे कोई भी नियंत्रित नहीं करता।

Market saturation and automation in commerce

Market saturation (बाज़ार संतृप्ति) उसे कहते है जब एक ऐसा वक्त आता है उसवक्त उत्पाद और सेवाओं की मांग पूरी हो जायेगी फिर कोई व्यवसाय अधिक राजस्व या मुनाफा नहीं कमा पाएगा। commerce के इस बढ़ते हुए समय में यह वक्त भविष्य में आ सकता है क्योंकि, इतने जादा व्यवसाय बाज़ार में हर दिन आ रहे है और जादातर एक जैसे उत्पाद या सेवाएं बेच रहे है तो इससे भविष्य में market saturation तो आयेगा ही। 

और automation की बात करें तो इस प्रतिस्पर्धी व्यापर की दुनिया में अगर हर व्यवसाय का काम अगर खुद करने लग जायेंगे तो दुनियां हमें पीछे ढकेल देगी। इसलिए हमें हमारे व्यवसाय की प्रणाली, क्रियाओं को नई तकनीकी के इस्तेमाल automation (स्वचलित) करना होगा। automation से कार्य में कुशलता बढ़ जायेगी, खर्चा भी कम आएगा और ग्राहकों की संतुष्टि भी बढ़ेगी। उदा: robots का इस्तेमाल: रोबोट्स के इस्तेमाल से हम हमारे उत्पाद को उठाने, उसे दूसरी जगह रखने और उनकी पैकिंग करने के कार्य के कुशलता को बढ़ा सकेंगे।

Conclusion 

मैंने जैसे शुरू में कहा था कि, हम commerce ki दुनिया के सफर पर जायेंगे, तो मैंने यह वादा पूरा किया है। इसमें हमने जाना कि, commerce kya hai (वाणिज्य क्या है), इसका क्या महत्व है, इसका इतिहास, वर्तमान और भविष्य को भी जाना और साथ ही बाकी विषय में भी जाना। तो अब हमारा सफर यहां पर खतम हुआ, लेकिन आप मुझे मेरे इस आर्टिकल के बारे में कमेंट बॉक्स में बताए कि, आपको यह आर्टिकल कैसा लगा, इसमें और क्या क्या होना चाहिए था, या फिर अगला आर्टिकल आप किस विषय के बारे में जानना चाहते है वह भी आप मुझे comment box में लिखकर बता सकते है। तो चलिए मिलते है अगले सफर पर, जय हिंद! 


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