Market Segmentation: Definition, Types, Benefits In Hindi

Market Segmentation Definition



Market segmentation किसी भी startup / Business के सफलता का पहला क़दम होता है।

जब भी कोई entrepreneur स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करता है तो वह बहुत जादा उत्साहित रहता है अपने idea को लेकर, और उसवक्त उसे लगता है कि, मैं जो सोच या कर रहा हूं वह सही कर रहा हूं और वे entrepreneurs अपने व्यापार की नजर से सोचकर फैसला लेते रहते है और आखिर में असफल हो जाते है।

लेकिन कोई भी स्टार्टअप या बिजनेस सफल होने के लिए entrepreneurs को सबसे पहले अपने customer (ग्राहक) की तरह सोचना होता है और उसी प्रकार निर्णय लेते रहना होता है। क्योंकि आपकी सफलता ग्राहक ही तय कर सकता है। 

किसी भी स्टार्टअप या बिजनेस में शुरुवात से ही अपने लक्षित ग्राहक की नजरिए से सोचा जाए इसीलिए सबसे पहले market segmentation (बाजार विभाजन) किया जाता हैं। 

” कोई भी व्यापार या व्यवसाय तभी सफल होता है जब हम customer की नजर से देखते है, न की व्यापारी नजर से “

— Bada Business


Market Segmentation Kya Hai ?

Market segmentation – बाजार विभाजन मतलब संपूर्ण बाज़ार में से हमारे उत्पाद या सेवा में रुचि रखने वाले या खरीदने की संभावना वाले ग्राहक की परिभाषा निर्माण करने के लिए उन्हें विभाजीत करना होता है। 

Market segmentation में कही सारे विशेषताओं के आधार पर लक्षित ग्राहकों को विभाजित किया जाता है। जैसे – आयु, लिंग, आय, व्यक्तित्व लक्षण, व्यवहार, रुचियां, आवश्यकताएं या स्थान। ताकि लक्षित ग्राहकों के विभिन्न श्रेणियों को उनके हिसाब से या उनकी नजरिए से बनाए गए उत्पाद या सेवाओं को प्रदान करना आसान हो और वे उन्हें खरीदने के लिए आकर्षित हो।

Target customer / Target market – लक्षित बाजार या लक्षित ग्राहक का मतलब हमारे उत्पाद या सेवा में रुचि रखने वाले या खरीदने की संभावना वाले ग्राहक !

KEY TAKEAWAYS

बाजार विभाजन या market segmentation मतलब बड़े बाजार को मौजूदा या संभावित ग्राहकों के एकसमान विशेषताओं को ध्यान रखते हुए विभाजित करना। 
बाजार विभाजन के सामान्य विशेषताओं में ग्राहकों के जरूरतें, समान जीवन शैली, समान रुचियां, उत्पाद खरीदने का तरीका, यहां तक ​​कि समान जनसांख्यिकीय रूपरेखा हो सकती है।
Market segmentation से उद्योगकर्ता को अपने ग्राहक को समझने में और उनके हिसाब से उत्पाद या सेवा बनाने में आसानी मिलती है। 
Market segmentation से विभिन्न विभाजित ग्राहकों को अच्छे से उत्पाद या सेवा बेचने में और अधिक मूल्य प्रदान करने में सहायत्ता मिलती है। 

KEY TAKEAWAYS


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Types of Market Segmentation In Hindi 

types of market segmentation



कुल 4 तरह के market segmentation (बाजार विभाजन) होते है और इसे हमे किसी भी स्टार्टअप या बिजनेस के लिए और उसके अच्छे Marketing or advertising (विपणन) के लिए करना होता है। Market segmentation आपके और आपके प्रतिस्पर्धी के लिए अलग अलग हो सकता है। 

तो जानते है कौनसे 4 तरीके होते है market segmentation करने के लिए –


1. Demographic segmentation

Demographic segmentation – जनसांख्यिकीय विभाजन यह एक सबसे सरल और सामान्य तरीका है market segmentation करने का लेकिन फिर भी यह बहुत असरदार है। इसीलिए इसे सबसे जादा इस्तेमाल किया जाता है। इस बाजार विभाजन के रणनीति का मानना यह है कि, एकसमान जनसांख्यिकीय रूपरेखा वाले लोगों की आवश्यकताएं और जरूरतें समान होती है। Demographic segmentation में इन लक्षणों के ऊपर विभाजन किया जाता है – 

Age – उम्र 
Gender – लिंग
nationality – राष्ट्रीयता
Family size – परिवार का आकार
Income – आय
Level of education – शिक्षा का स्तर 
Religion – धर्म 
Occupation – कमाई का जरिया 
Marital status – वैवाहिक स्थिति  

उदाहरण :– एक Video Game बेचनी वाली कंपनी के लिए कुछ ऐसा बाजार विभाजन हो सकता है “सर्वाधिक उपयोगकर्ता भारत का युवा पुरुष जिसकी उम्र 18 से 25 साल होनी चाहिए।” 


2. Psychographic segmentation

Psychographic segmentation – मनोवैज्ञानिक विभाजन में ग्राहक के व्ययक्तिक धारना या व्यक्तित्व को विभाजित करना होता है। इस बाजार विभाजन को थोड़ा कठिन विभाजन माना जाता है क्योंकि व्यक्ति की धारणा कभी भी बदल सकती है और इस तरह का वस्तुनिष्ट डाटा पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन market segmentation सबसे जादा अधिक परिणाम कारक होता है क्योंकि, इसमें हम उसके आंतरिक पैलू के आधारित उन्हें विभाजित करते है। Psychographic segmentation में इन लक्षणों के ऊपर विभाजन किया जाता है – 

Behavior – व्‍यवहार 
Lifestyle – जीवन शैली 
Interests – रूचियाँ 
Attitudes – अभिवृत्ति
Personality traits – व्यक्तिगत खासियतें
Hobbies – शौक
Life goals – जीवन के लक्ष्य 
Values – मूल्य
Beliefs – मान्यताएं 

उदाहरण :– अगर कोई व्यापारी sports clothing (खेलते वक्त पहनने वाले कपड़े) बेचता है तो उसका market segmentation कुछ ऐसा होगा “एक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व्यक्ति जिसे sports खेलना और देखना पसंद हो”


3. Behavioral Segmentation

Behavioral Segmentation – व्यवहार विभाजन में व्यक्ति के व्यवहार और उसके विशिष्ट प्रतिक्रियाओं को समुहिकृत किया जाता हैं। Behavioural segmentation जादातर बाजार के आंकड़ों, उपलब्द डाटा, और ग्राहकों की निर्णय लेने का तरीके या पद्धति के ऊपर निर्भर करता है। Behavioral Segmentation में इन लक्षणों के ऊपर विभाजन किया जाता है – 

धन या पैसे खर्च करने की आदत
Purchasing Behavior – खरीदी का तरीका
Buying frequency – बारंबारता 
Search pattern – खोजने का तरीका 
Previous Product interactions
Loyalty – निष्ठा
Product reviews and ratings 
Number of website visits 

उदाहरण :– amazon अपने पिछले खरीदे हुए या हरबार एक तरह के उत्पाद में रुचि रखने वाले ग्राहक को उसी तरह का उत्पाद दिखाता है। 


4. Geographic Segmentation

Geographic Segmentation – भौगोलिक विभाजन यह Demographic segmentation का ही एक छोटा भाग होता है। भौगोलिक विभाजन में ग्राहकों को उनके भौतीक स्थान से उन्हें समुहीकृत किया जाता है क्योंकि इस विभाजन का मानना होता है कि, एक तरह के भौगोलिक क्षेत्र के लोगों की जरूरतें एकसमान होगी। यह विभाजन करना बहुत ही सरल और आसान है। Geographic Segmentation में इन लक्षणों के ऊपर विभाजन किया जाता है – 

Country – देश 
Region – क्षेत्र 
City – शहर
Postal code – पिन कोड

उदाहरण :– अगर कोई व्यापारी winter clothes (सर्दी में पहनने वाले कपड़े) बेचना चाहता है तो, उसका market segmentation कुछ ऐसा होगा। “भारत देश के जम्मू और कश्मीर के लोग”

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Benefits of Market Segmentation 

सभी को ग्राहक नहीं समझना
लक्षित ग्राहक के ऊपर ध्यान
प्रतिस्पर्धात्मक लाभ में बढ़ावा 
बेहतर उत्पाद या सेवा बनाने में मदद 
ग्राहक की संतुष्टि 
विपणन में कम लागत
अधिक सफलता की संभावना

जब कोई नया entrepreneur अपना स्टार्टअप या बिजनेस करना शुरू करता है तो वह अपना product या service हर एक व्यक्ती को बेचना शुरू करता है, और वह समझता है की सभी लोग उसके ग्राहक है। वे सब उसके ही Market में आते है। इसीलिए वह सबको बेचने में समय बर्बाद करता है।

उदाहरण :– अगर किसी की chemist shop (औषधि दुकान) है तो वह इस जगह के सभी लोगों को अपना ग्राहक समझता है क्योंकि वह मानता है कि, हर एक व्यक्ति कभी न कभी तो बीमार पढ़ेगा तो वह औषधि लेने मेरे ही दुकान में आएगा। 

अगर हम इसी प्रकार सबको ग्राहक समझकर बेचने लगे तो हम हमारे potential customer (संभावित ग्राहक) को नहीं जान पाएंगे और बड़े पैमाने पर हमारे स्टार्टअप या बिजनेस को लेकर नहीं जा पाएंगे। 

बेहतरीन Market segmentation से अगर हम हमारे लक्षित ग्राहक को जानकर उनकी नजरिए से उत्पाद को तयार करेंगे जो उन्हें पसंद आए, तो हम हमारे प्रतिस्पर्धी से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ को पा सकेंगे। 

जब हमारा ग्राहक हमें उत्पाद या सेवाओं को लेकर प्रतिक्रिया देगा तो हमें हमारे उत्पाद के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी। अगर हमारे उत्पाद में कोई समस्या होगी तो हम उसे तुरंत हल करके हमारे उत्पाद को बेहतरिन कर पाएंगे। पर अगर गलत ग्राहक या हमारे लक्षित ग्राहक के अलावा कोई व्यक्ति हमें प्रतिक्रिया देगा तो वह उतना प्रभावशाली नहीं होगा क्योंकि उसके लिए वह उत्पाद बनाया नहीं गया होगा। 

Market Segmentation से जब उत्पाद बढ़िया होगा और लक्षित ग्राहक होंगे तो विपणन में तो कम से कम ही लागत लगेगी और ग्राहक के संतुष्टि का प्रमाण भी जादा होगा। और जब ग्राहक खुश तो कोई भी व्यापार हो उसकी सफलता तो निश्चित है।

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Market Segmentation kaise kare 


1. Brainstorm with peoples 

जब आप स्टार्टअप / बिजनेस करने के लिए शुरू करते है तो पहले उसे अपने ideas को अपनी team के साथ साझा करना चाहिए और उसपर उनके विचार जानने चाहिए। फिर उनके साथ मिलकर 5 – 6 बड़े मार्केट का चयन करना चाहिए जहां आप शुरू में उत्पाद या सेवाएं बेचना चाहते हैं। 

उदाहरण :– अगर आप कपड़ों की manufacturing करते हो तो सबसे पहले आपके आजू बाजू के क्षेत्र, आपकी मार्केट होगी। 

2. Start with a single market 

वैसे तो जब हम कोई स्टार्टअप शुरू करते है तो उसे पूरी दुनिया में ले जाना हमारा मक्सद होता है लेकिन हम रातों रात पूरी दुनियां में हमारा उत्पाद बेचना शुरू नहीं कर सकते इसीलिए हमें हमारे चुने हुए 5 – 6 मार्केट में से एक मार्केट को लक्ष करके शुरुवात करनी चाहिए। 

एक मार्केट से हमें ग्राहकों को अच्छे से समझने में, उन्हे कहीं भागों में विभाजित करने में और उनके हिसाब से उत्पाद बनाने में आसानी होगी। 

3. Primary Research 

Primary Research से हम चयन किए हुए शुरू के मार्केट को सीमित कर सकेंगे। बहुत लोग यह सोचते है primary Research मतलब हजार लोगों में google form या सर्वेक्षण पत्रों को बाटना और और सर्वेक्षण पत्रों से मिले नतीजों से अपने बिजनेस की शुरुवात करना। पर यह तरीका एकदम गलत है।

Primary Researchप्राथमिक शोध का मतलब होता है मार्केट में प्रत्यक्ष जाकर या फोन कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से अपने ग्राहकों से बात करना, उनके साथ जितना हो सके समय बिताना, उनकी अपक्षाओं और जरूरतों को जानना और समझना होता है। जितनी जादा आप Primary Research करोगे उतना ही फायदा आपके startup/ business के लिए होगा। इसीलिए कम से कम 5 – 6 हफ़्ते तो हमें प्राथमिक शोध करने चाहिए ग्राहक को अच्छे से समझने के लिए किसी भी स्टार्टअप से पहले। 

4. Questions which helps in market segmentation

क्या आपका ग्राहक पैसे वाला है –
मतलब आपको पता लगाना होगा कि, आपके लक्षित ग्राहक आपको पैसे देने के लिए समर्थ है या नहीं है। 
 क्या आपको उत्पाद बेचने के लिए आपका लक्षित ग्राहक आसानी से मिल सकता है –
ऐसा न हो की आपका लक्षित ग्राहक का मार्केट बहुत ही कम हो और उसे ढूंढने और बेचने में आपको जादा मुश्किलें आए। 
 क्या लक्षित ग्राहक को आपका उत्पाद या सेवा खरीदने की सचमे कोई आवश्कता या जरूरत है  
क्या आप अभी से ही अपना उत्पाद ग्राहक तक पहुंचाने के लिए तैयार है 
क्या कोई मौजूदा प्रतिस्पर्धी से जो आपके व्यवसाय में बाधा बन सकता है –
ऐसा न हो की आप मार्केट में जाए और आपको आपका प्रतिस्पर्धी चुटकियों में बाहर कर दे। इसीलिए आपको पूरी research करके अपने उत्पाद को उससे अधिक बेहतरीन करके जाना चाहिए।
अगर आप लक्षित मार्केट को पाने में सफल हुए तो क्या आपको दूसरे बड़े मार्केट में प्रवेश करने में आसानी होगी
जो आपने लक्षित मार्केट बनाया है क्या वह किसी मक्सद, लक्ष और जुनून से बनाया गया है –
मतलब आपकी पूरी team और सह संस्थापक लक्षित ग्राहक की सेवा करने में उत्साहित है या फिर आपने उसे सिर्फ पैसे कमाने की प्रेरणा से शुरू किया है
आपके startup के प्रवास में बहुत जादा मुसीबतें, परेशानियां आएगी, कभी पैसे होंगे तो कभी नहीं होंगे, कभी नुकसान होगा कभी फायदा लेकिन अगर आपके team में ग्राहकों के लिए कुछ अच्छा या उनकी सेवा करने की प्रेरणा या उत्साह होगा तो आप किसी भी परिस्थितियों का सामना करने के लिए सक्षम होंगे। 
 


Conclusion 

बड़े बाजार को मौजूदा या संभावित ग्राहकों के एकसमान विशेषताओं को ध्यान रखते हुए विभाजित करना को बाजार विभाजन (market segmentation) कहा जाता है।

बाजार विभाजन के प्रमुख 4 तरीके होते है – जनसांख्यिकीय विभाजन, मनोवैज्ञानिक विभाजन, व्यवहार विभाजन और भौगोलिक विभाजन।

Market segmentation से ग्राहकों को अच्छे से समझने और बढ़िया उत्पाद बनाकर कम लागत में विपणन करके बेचने में आसानी होती है। कोई भी स्टार्टअप या बिजनेस हो market segmentation करते वक्त सबसे पहले एक मार्केट के लक्षित ग्राहकों के साथ primary Research से शुरू करे और उसके अनुसार अपने उत्पाद को बेहतरीन करे। 

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